जब तुम आओगे
भूल जाऊँगी
धुंआ, उदासी
खालीपन
तुम सिर्फ याद न आना
कभी सच में भी
आ जाना
भक्ति, आराधना
व प्रेम से
एक दिन सब पिघल जाएगा
भूल जाऊँगी
धुंआ, उदासी
खालीपन
तुम सिर्फ याद न आना
कभी सच में भी
आ जाना
भक्ति, आराधना
व प्रेम से
एक दिन सब पिघल जाएगा
सुंदर अभिव्यक्ति.
जवाब देंहटाएंस्वागत है ब्लॉग जगत में।
जवाब देंहटाएंब्लॉग जगत में आपका स्वागत है
जवाब देंहटाएंजीवन के मर्म को छूती
प्रेम का महीन अहसास कराती रचना
बधाई
आग्रह है मेरे ब्लॉग में भी सम्मलित हों
कहाँ खड़ा है आज का मजदूर------?
अर्थपूर्ण ....
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर भाव.....
जवाब देंहटाएंलिखते रहिये...ढेर सारी शुभकामनाएं.
अनु